धनतेरस पूजा का महत्व
धनतेरस:ज्योतिष शास्त्र के अनुसार धन त्रयोदशी या धनतेरस (Dhanteras 2023) हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है. इस दिन भगवान कुबेर, माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा करने से धन-धान्य में वृद्धि होती है। मान्यता है कि धनतेरस के दिन विधिपूर्वक मां लक्ष्मी की पूजा-पाठ करने से भक्तों पर मां लक्ष्मी की विशेष कृपा बनी रहती है और भक्तों का धन 13 गुना बढ़ जाता है. इसके साथ ही इस दिन सोना, चांदी और बर्तन समेत कई चीजें खरीदना बहुत शुभ माना जाता है। इनमें से एक पीतल है.
धनतेरस का त्योहार कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि यानी 10 नवंबर 2023 को मनाया जाएगा। धनतेरस के दिन देवी लक्ष्मी, भगवान गणेश के साथ-साथ भगवान कुबेर की भी पूजा करनी चाहिए। सनातन धर्म में धनतेरस पर खरीदारी करना बहुत शुभ माना जाता है, इसलिए बड़ी संख्या में लोग धनतेरस पर खरीदारी करते हैं।
पीतल से मिलता है स्वास्थ्य और सौभाग्य
इस दिन मां लक्ष्मी, भगवान गणेश और भगवान कुबेर की विधि-विधान से पूजा की जाती है। उन्होंने कहा कि समुद्र मंथन के दौरान भगवान धन्वंतरि पीतल का कलश लेकर प्रकट हुए थे, इसलिए इस दिन पीतल के बर्तन खरीदने का विशेष महत्व है. पीतल खरीदने से घर में सौभाग्य आता है और अच्छी सेहत का भी आशीर्वाद मिलता है। अन्य मान्यताओं के अनुसार द्रौपदी को पीतल का अक्षय पात्र उपहार में दिया गया था। वहीं यह भी माना जाता है कि देवी-देवताओं को चढ़ाया जाने वाला भोजन पीतल के बर्तन में ही रखना चाहिए। ऐसा करने से भगवान की कृपा बनी रहती है।
भूलकर भी न खरीदें ये चीजें धनतेरस के दिन
शास्त्रों में कहा गया है कि इस दिन आप जो भी चीज खरीदेंगे उसमें 13 गुना वृद्धि होगी। इसलिए लोग बर्तनों के साथ सोना-चांदी भी खरीदते हैं। वहीं इस दिन स्टील, प्लास्टिक, लोहे की चीजें खरीदना शुभ नहीं माना जाता है।धनतेरस के दिन तेल या तेल से बने उत्पाद जैसे घी, रिफाइंड आदि नहीं लेना चाहिए। मान्यता है कि धनतेरस से पहले ही तेल, घी आदि खरीद लें। धनतेरस के दिन चाकू, कैंची, सुई जैसी धारदार वस्तुएं न खरीदें। कहा जाता है ये वस्तुएं खरीदने से वास्तु दोष उत्पन्न होता है