Tulsi Plant:हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे का बहुत महत्व है। यहां तुलसी की पूजा की जाती है। इस कारण इसका पौधा लगभग हर घर में देखा जा सकता है। पूजा के साथ-साथ तुलसी के पत्तों और बीजों का इस्तेमाल खासतौर पर सर्दियों में कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को ठीक करने के लिए भी किया जाता है। क्योंकि इस मौसम में ज्यादातर लोगों को सर्दी, गले में खराश, बुखार, सिरदर्द जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। लेकिन, कई बार ऐसा होता है कि हम नर्सरी से तुलसी का हरा पौधा खरीदकर लाते हैं और जैसे ही उसे गमले में लगाते हैं तो कुछ दिनों बाद वह सूख जाता है। अगर आपके साथ भी यह समस्या है तो आप यहां दिए गए उपाय की मदद से तुलसी के पौधे को हरा-भरा रख सकते हैं।

तुलसी का पौधा कैसे लगाएं?
आपका तुलसी का पौधा साल के 12 महीने हरा-भरा रहे तो इसके लिए हमेशा मिट्टी के गमले का चुनाव करें, ताकि गमले में पानी इकट्ठा न हो। पौधे को सूर्य की रोशनी और हवा बराबर मात्रा में मिलती है। वहीं, अगर आपने सीमेंट का गमला चुना है तो पौधे के सूखने की पूरी संभावना है। इसके अलावा प्लास्टिक के गमले ना चुने तो बेहतर है। इससे पौधे को आवश्यक पोषक तत्व नहीं मिल पाते, जिससे वह जल्दी मुरझा जाता है।
पानी का ख्याल रखें
यदि गमले की मिट्टी थोड़ी गीली है तो उसमें जबरदस्ती पानी न डालें। गर्मियों की तुलना में सर्दियों में पौधों को कम पानी की आवश्यकता होती है, इसलिए जरूरत मुजब पानी दें।
इन बातों पर विशेष ध्यान दें
- तुलसी के पौधे की दो-तीन महीने में एक बार कटाई करते रहें।
- गमला बदलते समय पौधे की जड़ को ध्यान से बदलें।
- अगर तुलसी की पत्तियों में छेद दिखाई दे तो इसका मतलब कीड़े हे तो नीम ऑइल स्प्रे का इस्तमाल करे